raham najar karna o Sai mujhe baksh de o sain aisi nigahen lyrics रहम नजर करना ओ साईं, मुझे बख़्श दे ओ साईं ऐसी निगाहें
साईं भजन- रहम नजर करना ओ साईं ।। मुखड़ा ।। मिलती रहे तेरी रहमतें, तेरा प्यार मुझे हर तरफ होता रहे, तेरा दीदार मुझे ।। स्थाई ।। रहम नजर करना! ओ साईं!रहम नजर करना! रहम नजर करना! ओ साईं!रहम नजर करना! (मुझे बख़्श दे ओ साईं!)2 ऐसी निगाहें (जहां भी जिधर मैं देखूं नजर तू ही आए)2 (है परवाह नहीं ये सारी)2 दुनिया क्या चाहे (मैं करता रहूं वही जो मेरा साईं चाहे)2 -- (रहम नजर करना! ओ साईं!रहम नजर करना!)2 ।। अंतरा ।। 1) (कभी मैं तुझे मां के आंचल में देखूं कभी मैं तुझे पिता के साए में देखूं) हां की हर ओर प्यार तेरा बिखरा हुआ है तेरे नूर से जहां ये निखरा हुआ है कि हर भूल में साईं तु मुस्कुराए बहती हवाओं में तू ही आए जाए तू ही आए जाए! (मुझे बख़्श दे ओ साईं!)2 ऐसी पनाहें (मेरा गांव भी ओ साईं शिरडी हो जाए)2 -- (रहम नजर करना! ओ साईं!रहम नजर करना!)2 2) (तु फैला के बाहें सबको खुशियां लुटाए कोई ईद तो कोई दिवाली मनाए) हो तू ही चांद में तू ही सूरज में साईं है हर रंग में तेरी रंगत समाई हे मालिक सभी का तू ही एक साईं सभी को दुलारे तेरी द्वार कमाई द्वार कमाई! ...