Skip to main content

Posts

Showing posts from September, 2026

ध्वनि का विज्ञान: कम्पन्न (Vibration) और आवृत्ति (Frequency) क्या है ? जानिए संगीत और कम्पन्न (Vibration) का अनोखा सच!

ध्वनि का विज्ञान कम्पन्न और आवृत्ति कम्पन्न जब कोई वस्तु अपनी संतुलित अवस्था के आसपास आगे-पीछे या ऊपर-नीचे बार-बार गति करती है, तो उसे कम्पन्न कहते हैं। उदाहरण : (i) सितार या तानपुरे के तार को छेड़ने पर उसका हिलना। (ii) घंटी बजाने पर इसका काँपना। (iii) गायक के स्वर तंत्रियों का हिलना। संगीत में कम्पन्न का महत्व : कम्पन्न के कारण ही ध्वनि उत्पन्न होती है। बिना कम्पन्न के ध्वनि संभव नहीं है। आवृत्ति (frequency) एक सेकेंड में होने वाले कम्पनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। आवृत्ति का मात्रक हर्ट्ज Hertz (Hz) है। यदि कोई तार एक सेकेंड में 100 बार कम्पन्न करता है, तो उसकी आवृत्ति 100 हर्ट्ज होगी।