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Ram kahani suno re ram kahani lyrics Hindi Rabindra jain , Ramayan Song

भजन- राम कहानी सुनो रे राम कहानी (रामायण भजन रविंद्र जैन) ।।   स्थायी   ।।  (श्री राम जय राम जय जय राम)2 राम कहानी सुनो रे राम कहानी राम कहानी सुनो रे राम कहानी (कहत सुनत आवे)2, अखियों मैं पानी --राम कहानी सुनो रे राम कहानी राम कहानी, सुनो श्री राम कहानी (श्री राम जय राम जय जय राम)2 ।। अंतरा ।। 1) (दशरथ के राज दुलारे कौशलया की आँख के तारे)2 वे सूर्यवंश के सूरज, वे रघुकुल के उजियारे (राजीव नयन बोले)2, मधु बरी बानी --राम कहानी सुनो रे राम कहानी राम कहानी, सुनो श्री राम कहानी (श्री राम जय राम जय जय राम)2 2) (शिव धनुष भंग प्रभु करके, ले ए सीता वरके)2 घर त्याग भये वनवासी पित की आज्ञा सर धरके (लखन सीए ले संग)2, छोड़ि राजधानी --राम कहानी सुनो रे राम कहानी राम कहानी, सुनो श्री राम कहानी (श्री राम जय राम जय जय राम)2 3) (खलभेष भिक्षु का धरके, भिक्षा का अग्रह करके)2 उस जनक सूचि सीता को चल बाल से ले गया हर के (बड़ा दुःख पावे)2, राजा राम जी की रानी --राम कहानी सुनो रे राम कहानी (श्री राम जय राम जय जय राम)2 4) (श्री राम ने मोहे बैठाओ में राम दूत बन आयो)2 सीता माँ की सेवा में रघुवर को...

Shri Radhe Braj Jan man sukh kari lyrics, Radhe Shyam radhe Shyam radhe Shyam radhe Shyam श्री राधे ब्रज जन मन सुखकारी

ॐ कीर्तन- श्री राधे ब्रज जन मन सुखकारी  ।। स्थाई ।।  (राधे श्याम)8 (राधे श्याऽऽम)2 श्री राधे ब्रज जन मन सुखकारी, राधे श्याम श्यामा श्याम श्री राधे ब्रज जन मन सुखकारी, राधे श्याम राऽधे श्याम (राधे श्याम)4 (राधे श्याऽऽम)2 ।।  अन्तरा  ।। मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल, गल वैजयंती माला। चरणन नुपर रसाल, राधे श्याम श्यामा श्याम | 1 | --(राधे श्याम)4 (राधे श्याऽऽम)2 सुन्दर वदन कमल-दल लोचन, बांकी चितवन हारी। मोहन वंशी विहारी, राधे श्याम श्यामा श्याम | 2 | --(राधे श्याम)4 (राधे श्याऽऽम)2 वृन्दावन में धेनु चरावे, गोपीजन मन हारी। श्री गोवेर्धन धारी, राधे श्याम श्यामा श्याम | 3 | --(राधे श्याम)4 (राधे श्याऽऽम)2 राधा कृष्ण मिली अब दोऊ, गौर रूप अवतारी। कीर्तन धर्म प्रचारी, राधे श्याम श्यामा श्याम | 4 | --(राधे श्याम)4 (राधे श्याऽऽम)2 तुम बिन मेरा और ना कोई, नाम रूप अवतारी। चरणन में बलिहारी, राधे श्याम श्यामा श्याम। नारायण बलिहारी, राधे श्याम श्यामा श्याम | 5 | Home 🏠 Sangeet Raag Shashtra    (🎶यहां क्लिक करें ⬇️⬇️ 🎶 Lyrics List भजन🎻 , भोजपुरी भजन , निर्गुण , सत्संग भजन🪕 ,...

Raag Kafi (राग काफ़ी)

राग काफ़ी राग काफ़ी एक चंचल प्रकृति का राग है, इसे रात्रि का भैरवी भी कहा जाता है, इस राग का वादी स्वर "प" और सम्वादी स्वर "रे" है। राग काफ़ी की अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:-  राग काफ़ी राग - काफ़ी (आश्रय राग)            थाट - काफ़ी थाट के स्वर - "ग" और "नी" कोमल, बाकी सभी स्वर शुद्ध वादी - पंचम (प)             संवादी - रिषभ (रे) वर्जित स्वर -             जाति - सम्पूर्ण - सम्पूर्ण (7-7) आरोह - सा रे ग् म प ध नी् सां     अवरोह - सां नी् ध प म ग् रे सा पकड़ - रे ग् म प ग् रे, म ग् रे सा। सा रे ग् म प ग् रे। न्यास के स्वर - सा, रे, और,प मुख्य अंग - ग् रे , म प , म प ध प , ध नि् सां नि् ध प , सा रे म प , ध म प ग् रे । प्रकृति - चंचल (होली, छोटा ख्याल, ठुमरी आदि इस राग में खूब गाया जाता है। पूर्वांग / उत्तरांग - पूर्वांग प्रधान राग गायन समय - मध्य रात्रि  सम प्रकृति राग - राग सिन्दूरा               अन्य महत्वपूर्ण बातें 1) इस राग में ...

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किसी भी पोस्ट (गीत, या राग) पर जाने के लिए उस पर टच किजिए Home 🏠 Sangeet Raag Shashtra सत्संग प्रार्थना (श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंन्द्र) -- सुबह का प्रार्थना (morning prayer) -- संध्या काल विनती (evening prayer) सत्संग भजन (श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंन्द्र) -- हिन्दी भजन, बंगला भजन , ओड़िया भजन -- होली गीत हिन्दी भोजपुरी ब्रज अवधी शास्त्रिय अन्य सत्संग लिरिक्स  -- विहंगम योग, सद्गुरु सदाफल देव जी  -- शिव चर्चा भजन (Shiv Charcha ) -- यीशु मसीह गीत रक्षा बंधन गीत ---- रक्षा रक्षाबंधन गीत स्कूल , कॉलेज -- देश भक्ति गीत -- स्कूल प्रार्थना ( assembly prayer) -- स्वागत गीत (Welcome Song) --- आरती संग्रह   भजन हिंदी (Bhajan Hindi) -- सतगुरु भजन -- छठ पूजा गीत -- होली गीत हिन्दी भोजपुरी ब्रज अवधी शास्त्रिय -- राम भजन -- हनुमान चालीसा -- कृष्ण भजन -- राधे भजन -- गणेश वंदना -- सरस्वती वंदना -- शिव भजन -- गुरु नानक -- ईसु भजन -- रामायण भजन  भोजपुरी भजन -- देवी भजन -- राम भजन -- शिव भजन भोजपुरी -- निर्गुण -- सोहर -- पूर्वी विवाह गीत , हल्दी गीत -- विवाह गीत -- हल्दी गीत -- अन्य...

Gokul ka kanha machay dhamal holi lyrix गोकुल का कान्हा मचाए धमाल

गोकुल का कान्हा मचाए धमाल होली खेलन आयो मदन गोपाल पिचकारी हाथों में गोगुल गुलाल  होली खेलन आयो मदन गोपाल राधा जी को देख लल्लन मारी पिचकारी फगुआ के रंग रंगी नीलाम्बरी सारी राधा बोली पैया परू छोड़ो नंदलाल होली खेलन आयो मदन गोपाल कैसी होली खेल गयो मदन मोहन प्रेम रंग रंग डाला अबला का मन श्याम के रंग रंगी राधा और ना कुछ जाने एक भी पल श्याम बिना मनवा नहीं माने मोहन मुरारी ने ये कैसा किया हाल होली खेलन आयो मदन गोपाल

Paniya lale lal e gaura hamaro ke chahi Lyrix in hindi पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं

(पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 (पनीया लाले लाल, पनीया होऽऽ)2 पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 (1) (एअड़ भंगिया तू रही गईल भोला)2 (लाले लाल पानी कह, काहांवा ई होऽला)2 (खरीदे के परिहे गुलाल हो,)2 ए गऊरा हमरों के चांहीं (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 (2) (हमरा से गऊरा गुलाल कइसे आई)2 (एको नइखे हमरो धोकरीयो में पाई)2 (रचि दिहलू बड़ा काजवाल हो, आहे)2 ए गऊरा हमरों के चांहीं (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 (3) (सबका के देल बाबा, महल अटारी)2 (अपने रहेला तुहूं बनके भिखारी)2 (धनी- धनी ताहरो कमाल हो, आहे)2 ए गऊरा हमरों के चांहीं (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 ।। दुगुन ।। (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2 (हम होखल चाह तानी खुबे लाल हो)2 ए गऊरा हमरों के चांहीं (पनीया लाले लाल , ए गऊरा हमरों के चांहीं)2

kar seva guru charnan ki कर सेवा गुरु चरणन की लिरिक्स

song- kar seva guru charnan ki कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।)2 (गुरु की महिमा है भारी)2 तेग करे भव जल पारी, विपदा हरे यह तनमन की कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।) (मन की दुविधा दूर करे)2 ज्ञान भक्ति भरपूर भरे भेद कहे शुभ कर्मन की कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।) (गुरु तो दयालु होते हैं)2 मन के मैल को धोते हैं मोह हटावे ऋषियन की कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।) (भेद भरम सब मिटा दिया)2 घट में दर्शन करा दिया ऐसी लीला दर्शन की कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।) (गुरु चरणों में झुक जावो)2 भक्त कहे नित गुण गाओ करो वन्दना चरनन की कर सेवा गुरु चरणन की (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।) (कर सेवा गुरु चरणन की, युक्ति यही है भव-तरणन की।)2 --------- अन्य भजन -------- -- गुरु मेरी पूजा गुरु गोविंद